,,,,,,,,,,,,, ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,
त्याग तुमने किया वेदना के लिए ।
ऐ शहीदों नमन वीरता के लिए ।
भारती माँ के बेटे अमर हो गए ।
देश को दे आज़ादी सदा के लिए ।
देश के ताज़ का ही सितारा हो तुम ।
चमचमाते रहो शौर्यता के लिए ।
जीत को जीतकर हार भी जीतकर ।
ख़ुद सहारा बने हारता के लिए ।
मानकर देश हर धर्मनिरपेक्षता ।
हाथ फैलायें है मित्रता के लिए ।
याद आती हमे तेरी कुर्बानियां ।
है मुझे गर्व उस दिव्यता के लिए ।
धन्य है देश पा तेरे वरदान को ।
गीत गायेंगे हम देवता के लिए ।
@राम केश मिश्र
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