रविवार, 30 नवंबर 2014

।।तलाश।।

।। तलाश।। दोस्ती कर प्यार का एहसास न कर ।। हर किसी को इस तरह उदास न कर ।। 1 क्या मिलेगा सोच इस बेरुखी से दोस्त ! सब्र कर कुछ दोस्ती भी नाश न कर । 2।। अब तो प्यार के ही जबाने न रहे ।। सिर्फ बेरुखी मिलेगी प्रयास न कर ।। 3।। वरना फस ही जाओगे किसी की साजिश मे ।। वफा की तो बिल्कुल आश न कर ।। 4।। तेरे हाथ मे होगा तेरे ही आंख का आंसू ।। दोस्ती मे गम की तलाश न कर ।।5।।

शुक्रवार, 28 नवंबर 2014

वक्त

                 ।।वक्त।।


मंजिल दूर है तो क्या चल के आजमाना है ।।
वक्त भी कम है और खुद को भी बचाना है ।। 1।।

हौसला रखकर हमें भी जीत लेना है खुशी ।। 
और जिंदगी से किया वादा भी निभाना है ।। 2।।

क्या हुआ गर मिले आंख मे आंसू मुझे भी ।।
एक बार ही सही पर दिल को आजमाना है ।। 3।।

रस्तो पर ही रुके है जो समझ कर मंजिले ।।
रास्ता काफी अभी है उनको यह बताना है ।।  4।।

रास्ते इस जिंदगी पर लौटना मुमकिन नही ।।
वक्त से पहले हमें भी जिंदगी को पाना है ।। 5।।

डर

                   ।।डर।।


प्यार था पर प्यार मे इन्तकाम का डर था ।।
जो मिला बस उसी इल्जाम का डर था ।। 1

वरना फिक्र न करता मैं भी वफाओ की  ।।
जो हुआ बस उसी अंजाम का डर था ।। 2

तभी तो रह गये किनारों पर डूब कर ।।
नाम भी तो न मिला बदनाम का डर था ।। 3

औरों ने तो जी लिया खुशहाल जिंदगी ।।
मैं ढह गया जबकि मुझे ईमान का डर था ।। 4


ऐ दोस्त !! अब मत डर जीने से जिंदगी ।।
मैं रह गया क्योंकि मुझे अरमान का डर था ।।5

मंगलवार, 25 नवंबर 2014

।।दोस्ती:2।।

                 ।।दोस्ती:2।।


हर किसी ने कह दिया दोस्त है दोस्त है ।।
पर दोस्तों !! ए दोस्ती जीना सिखाती है ।।

गर नही तो फिक्र कर अब ही अपने दोस्तों की ।।
याद ही वह शौक है जो हमें अपना बनाती है ।। 


दोस्ती की दुकानों  पर मिले तो क्या हुआ ।।
दूर रहकर भी बडी दूरी मिटाती है ।।

इल्म कर ले हर कोई है दोस्त के काबिल ।।
गैर के खातिर ये तो किस्मत लुटाती है ।। 


कौन कहता है यहाँ मोहलत नहीं मिलती मुझे ।।
ये तो उम्र भर दिल में रहना सिखाती है ।।

बुधवार, 19 नवंबर 2014

।। एक दिन ।।।

।। एक दिन।। एक दिन तुम और हम चुप थे तभी तुम चले गये ।। 1 मैं तो रुका था दो पल नाउम्मीद तारे भी चले गये ।। 2 बस मे तब थे आंसू अपने बाद जा ने से चले गये ।।3।।

।। विश्वास ।।

।। विश्वास ।। रहने दो अब बहुत हो चुका प्यार अभी भी है सही नहीं है ।।। 1।। जोकि मेने और सभी ने सोचा था पर किया नही हैं ।।। 2 क्याकि मन मे और हृदय मे आशा है विश्वास नही है।।3।।

।।एक दिन ।।

।। एक दिन।। एक दिन तुम और हम चुप थे तभी तुम चले गये ।। 1 मैं तो रुका था दो पल नाउम्मीद तारे भी चले गये ।। 2 बस मे तब थे आंसू अपने बाद जा ने से चले गये ।।3।।

मंगलवार, 18 नवंबर 2014

।। उन्हें डर था ।।

           ।। उन्हें डर था ।।


उन्हें डर था  और मुझे भी ।
वे मुझसे डरते थे ,
मै खुद से डरता था ।। 1।।


कहीं वे खो न जायें आखो में ।।
औऱ मुझे मेरी ही ,
खबर न थी । 2।।


कुछ दिन परवाह किया मैने ।
और वो भी अब ,
वेपरवाह हो गए।। 3।।


हद हो गयी तब मेरे उम्मीद की ।
जब मुस्कुरा दिये ,
किसी गैर के होकर ।।4।।

नशा ए इश्क

ग़ज़ल   नशा ए इश्क अब छोड़ा न जाए ।  जमाने से मगर उलझा न जाए ।   बड़ी मासूम हैं उसकी अदाएं,   कि मुझसे और अब देखा न जाए ।   गरीबों ...