बुधवार, 19 नवंबर 2014

।। विश्वास ।।

।। विश्वास ।। रहने दो अब बहुत हो चुका प्यार अभी भी है सही नहीं है ।।। 1।। जोकि मेने और सभी ने सोचा था पर किया नही हैं ।।। 2 क्याकि मन मे और हृदय मे आशा है विश्वास नही है।।3।।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

नशा ए इश्क

ग़ज़ल   नशा ए इश्क अब छोड़ा न जाए ।  जमाने से मगर उलझा न जाए ।   बड़ी मासूम हैं उसकी अदाएं,   कि मुझसे और अब देखा न जाए ।   गरीबों ...