बुधवार, 19 अप्रैल 2017

कहानी लिखेंगे ।

            ग़ज़ल।कहानी लिखेंगे ।

चलो आज कुछ तो तुफानी लिखेगे ।
दिलों की मुकम्मल कहानी  लिखेंगें ।  

वही दर्द -ए -ग़म  वही  मुस्कराना ।
जफ़ा कम नफ़ासत पुरानी लिखेगे ।

भुलाते  गये  जो  बने  बेजुबा थे  ।
मिले याद मे  बन  रूहानी  लिखेगे । 

बड़ी कोशिशों से मिला एक मौका ।
ढरे  आँख  से  बूंद  पानी  लिखेगे ।

पढ़े ये  ज़माना  सुने  ये  फिजायें ।
वफा बावफ़ा तक ज़ुबानी लिखेंगे ।

मिला इश्क़ मे हौसला है सभी को ।
लुटी  प्यार मे ए जवानी लिखेंगे । ।

                               ©राम केश मिश्र

नशा ए इश्क

ग़ज़ल   नशा ए इश्क अब छोड़ा न जाए ।  जमाने से मगर उलझा न जाए ।   बड़ी मासूम हैं उसकी अदाएं,   कि मुझसे और अब देखा न जाए ।   गरीबों ...