रविवार, 30 नवंबर 2014
।।तलाश।।
।। तलाश।।
दोस्ती कर प्यार का एहसास न कर ।।
हर किसी को इस तरह उदास न कर ।। 1
क्या मिलेगा सोच इस बेरुखी से दोस्त !
सब्र कर कुछ दोस्ती भी नाश न कर । 2।।
अब तो प्यार के ही जबाने न रहे ।।
सिर्फ बेरुखी मिलेगी प्रयास न कर ।। 3।।
वरना फस ही जाओगे किसी की साजिश मे ।।
वफा की तो बिल्कुल आश न कर ।। 4।।
तेरे हाथ मे होगा तेरे ही आंख का आंसू ।।
दोस्ती मे गम की तलाश न कर ।।5।।
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