,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
क्रांतिकारी कर रहे थे कामना लाहौर मे ।
बन रही षड्यंत्र कारी योजना लाहौर मे ।
साइमन वापस के वादे कर रहे थे वीर सब ।
इंकलाबों के हि नारे बोलना लाहौर मे ।
जब भगत सिंह लाजपत से कर रहे थे गुफ्तगू ।
मिल गयी अंग्रेज को सूचना लाहौर में ।
लाठियां चलने लगी तो गूँजने नारे लगे ।
भारतीयों से हुआ था सामना लाहौर में ।
थे निहत्थे वीर सब उस अनियंत्रित भीड़ मे ।
भर रहे थे देशभक्ति भावना लाहौर मे ।
देख घायल लाजपत को थे भगत उन्माद मे ।
आग भड़की थी हृदय मे बेदना लाहौर मे ।
ले लिया बदला था रकमिश थे जुनूनी लोग वे ।
पड़ गया था सांडर्स को भूनना लाहौर मे ।
By- Ram Kesh Mishra
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