गुरुवार, 24 अगस्त 2017

क्रांतिकारी कर रहे थे कामना लाहौर मे

  ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,ग़ज़ल ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,

    क्रांतिकारी   कर  रहे  थे  कामना  लाहौर  मे ।
    बन   रही  षड्यंत्र  कारी  योजना  लाहौर  मे ।

    साइमन वापस के वादे कर रहे  थे  वीर  सब ।
    इंकलाबों   के  हि   नारे   बोलना  लाहौर  मे ।

    जब भगत सिंह लाजपत से कर रहे थे गुफ्तगू ।
    मिल   गयी  अंग्रेज  को   सूचना  लाहौर   में ।

    लाठियां   चलने  लगी  तो  गूँजने   नारे  लगे ।
    भारतीयों   से  हुआ  था  सामना  लाहौर  में ।

    थे निहत्थे वीर सब  उस  अनियंत्रित भीड़ मे ।
    भर   रहे  थे   देशभक्ति   भावना  लाहौर  मे ।

    देख घायल लाजपत को  थे भगत उन्माद मे ।
    आग भड़की थी हृदय  मे  बेदना  लाहौर  मे ।

    ले लिया बदला था रकमिश थे जुनूनी लोग वे ।
    पड़ गया  था  सांडर्स  को  भूनना  लाहौर  मे ।

                    By- Ram Kesh Mishra

          

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