बुधवार, 25 नवंबर 2015

ग़ज़ल । दिल दुखाया नही जाता ।

    ग़ज़ल । दिल दुखाया नही जाता।

दर्द कितना भी कम हो मुस्कुराया नही जाता ।।
जख़्म मुहब्बत का हो तो भुलाया नही जाता ।।

माना कि हर कोई है प्यार के क़ाबिल यहा ।
पर हर किसी से दिल तो लगाया नही जाता ।।

रुसवा हो ही जाओगे किसी न किसी दिन तुम
बेख़ौफ़ अदाओं का मय पिलाया नही जाता ।।

टूट कर ये इल्म भी बिखर जायेगा इक दिन ।
इश्क़ में हर वादा तो निभाया नही जाता ।।

क्या करेगा वो तवज्जो अब तेरे एतबार की ।।
वज़्न ऐ हालात जिससे उठाया नही जाता ।।

साहिलों के पास अब भी हैं पड़ी वीरान राहें ।
हर अज़नबी को रास्ता दिखाया नही जाता ।।

भूलकर "रकमिश" न आना साहिलों के पास तुम ।
खुदी के लिए दिल किसी का दुखाया नही जाता ।।

                           @राम केश मिश्र 

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