*लम्हा*
हर लम्हे मे तेरे याद की सौगात हैं ।।
मै और मेरे दिल की नाजुक हालात हैं ।।1।।
अपने तकदीर की शिकवा करूँ मै कब तक।।
हर कोई गमगीन हैं जो भी मिला हैं अब तक ।।2।।
लम्हा लम्हा दिल पर मेरे मुस्कुराता हैं ।।
दिल तो बेबस हैं यहां तन्हा बिताता है ।।3।।
रंजिश तनिक नही हैं तन्हाइयों के मारे ।।
जब जिंदगी से जीते तो दिल्लगी से हारे ।।4।।
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