रविवार, 23 मार्च 2014

*इश्क*

                 *इश्क*

बड़ी तखलीफ़ होगी सबाबे इश्क मे तुमको ,
प्यार को प्यार रहने दो इसे महसूस मत करो ।।1।।
                     ***

यदि फिर भी चाहते हो तसल्ली पाना तुम ,
वादा करो कि मुझसे शिकायत नही करोगे ।।2।।

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तसल्ली मिल जायेगी तुमकों भी राहे इश्क मे ,
पर हरपल दर्दे दिल मे तन्हाई बनी रहेगी ।।3।।
                      ***

हर मोड़ पर मंजिल नज़र तो आयेगी तुमको ,
पर इक कदम भी चलने का मौका नही मिलेगा ।।4।।

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