*शायरी-3*
उम्मीद तो हमें भी थी उनकी बेहयाई की,
खैरियत हैं कि उन्होंने पहले बता दिया ।। 1।।
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जब मैंने गुजारिश की उनसे प्यार की तो,
मुस्कुराकर बोले ,दिल तो आप का ही हैं ।।2।।
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आखिर क्या करूंगा मै उनका बेपरवाह दिल ,
दूसरों के नाम पर धडकेगा तो जहमत होगी ।।3।।
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मैंने भी कह दिया उनसे गम नहीं हैं मुझको ,
तुम्हारी सहेली भी मुझे उतना ही प्यार करती हैं ।।4।।
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