शनिवार, 22 मार्च 2014

*शायरी-3*

                *शायरी-3*
उम्मीद तो हमें भी थी उनकी बेहयाई की,
खैरियत हैं कि उन्होंने पहले बता दिया ।। 1।।
                  ***
जब मैंने गुजारिश की उनसे प्यार की तो,
मुस्कुराकर बोले ,दिल तो आप का ही हैं ।।2।।

                  ***
आखिर क्या करूंगा मै उनका बेपरवाह दिल  ,
दूसरों के नाम पर धडकेगा तो जहमत होगी ।।3।।

                    ***
मैंने भी कह दिया उनसे गम नहीं हैं मुझको ,
तुम्हारी सहेली भी मुझे उतना ही प्यार करती हैं ।।4।।

                     ***

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