अब तो हर तरफ तन्हाइयां नजर आती हैं ।।
हर चाहत मे ,दिल मे रूस्वाइयां नजर आती हैं ।।1।।
मुर्झा गयी हर रौनक सूखे पत्तो की तरह ।।
हर रौनक मे भी परछाइयां नजर आती हैं ।।2।।
मददिम हो गयी उनकी बेसव्रिया जब से ।।
तब से उनकी हरकतो मे बेहयाइया नज़र आती हैं।।3।।
फासले तो मिट गये पर शिकवा नही ।।
नजदीकियो मे भी जुदाइया नजर आती हैं ।।4।।
एहसास होता हैं उन्हें भी मेरे न होने का ।।
और जब होता हू तो अगड़ाइयां नज़र आती हैं ।।5।।
हर कोई बेखौफ हैं प्यार मे यहां पर ।।
फिर भी क्यों दिलो में सिसकारियां नजर आती हैं ।।6।।
हर शख्स का चेहरा हैं उतरा उतरा यहां ।।
हर किसी के दिल मे खामियां नज़र आती हैं ।।7।।।
हर रोज उनकी चाहत पर उठता हैं सवाल ।।
हर दिन उनकी अदा में नादानियाँ नज़र आती हैं ।।8।।
बड़ी उम्मीद थी उनसे प्यार निभ पाने की ।।
अब तो दोस्ती मे भी परेशानियां नज़र आती हैं ।।9।।
और कुछ भी नहीं हैं उनके दिल लगाने मे ।।
अब तो उनके आहट मे भी बदनामियाँ नज़र आती हैं ।।10।।
--------Ram Kesh Miahra
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