बुधवार, 11 मार्च 2015

।।गजल।।खुदा ही गुनेहगार हो गया।।

  ।।गजल।।खुदा ही गुनेहगार हो गया।।


जब से उनकी चाहत पर एतबार हो गया  ।।
दिल न रहा हमदिल बेकार हो गया ।।1।।

उनका साया तक भी नसीब न हुआ तब से  ।।
जब मिले तो उम्र भर का इंतजार हो गया ।।2।।


लम्हा लम्हा मिलने की दुआ मांगी रब से ।।
तन्हा तन्हा उन्ही पर बेजार हो गया ।।3।।


शौक़ीन न था मैं इश्क की तन्हाइयो का दोस्त ।।
उनकी ही कमसिनी से तार तार हो गया ।।4।।


शिकायत न करूँगा तेरी तस्वीर से कभी भी ।।
क्या करू जब दिल ही गुनेहगार हो गया ।।5।।

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