शनिवार, 5 सितंबर 2015

।।ग़ज़ल।।तन्हाइयां उन्हे रहती है।।

  ।।ग़ज़ल।।तन्हाइयां उन्हें रहती है।।



सुना है मेरे नाम पर रूसवाइयां उन्हें रहती है ।।
आजकल इश्क़ में तन्हाइयां उन्हें रहती है ।।

ताउम्र गुजार दी मैंने जिनके ही इंतजार में ।।
अब मेरे ही दीदार की दुश्वारियां उन्हें रहती है ।।

पास थे तो खुद की ही अदाओ में मशगूल रहे ।।
दूर है तो प्यार की वफ़ाइया उन्हें रहती है ।।

कल मुझसे ही पूछ बैठे अपने नाम का मतलब ।।
झूठ कह दिया यादों की कमजोरियां मुझे रहती हैं।।

तमाम वज़ह होती है किसी को भूल जाने की ।।
वरना याद तो हर किसी की परछाइयां मुझे रहती है ।।


                   ........ R.K.M

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