।।शेर।।हकीकत।
माना की वक्त की कोई भी कीमत नही होती है ..
पर उम्र के तजुर्बे भी बड़े नायाब होते हैं..
अब रहने भी दो इन ख्वाबो को ख्वाब ही ।
बहुत ही फर्क होता है सपनो और हकीकत में ।।
जहा देखो जिधर देखो वही हालात है सबके ।।
कोई दिल को जलाता है कोई दिल ही जला देता ।।
कभी मौका मिले गर तो चले साहिल पर तुम आना ।
तुम्हारे गम से ज्यादा भी यहा ग़मगीन रहते है ।।
अब तो डर लगने लगा है उनके शाये से भी ऐ दोस्त ।
कि कही इल्ज़ाम ऐ मुहब्बत न लगा बैठे वे ।।
---R.K.MISHRA