मंगलवार, 2 दिसंबर 2014

गजल।।हिसाब।।

गजल।।हिसाब।। कोई बात नहीं कि तू मुझे याद न कर ।। पर मेरे दिल को तो बर्बाद न कर ।। 1। काबिल तो छोड़ दे मुझे किसी औऱ के ।। जी लेगे खुद कोई फरियाद न कर ।। 2।। हस्र मेरा क्या होगा कुछ तो सोच ।। एक गम है उसे भी आजाद न कर 3।। माना कि वक्त कीमती है तेरा दोस्त !! पर मेरे भी वक्त को खराब न कर ।। 4।। यकीन हो ही जायेगा तेरी बेवफाई का ।। अभी से मेरी तन्हाई का हिसाब न कर ।।5।

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