*इन्तज़ार*
तुम चाहते हो खेलना मेरे नादान दिल से , ।।
और मुझे भी उसी दिन का इन्तजार है ।।1 ।।
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जब बन ही गया है इरादा मेरा दिल तोड़ने का ,।।
तो झूठे प्यार मे अदायें क्यों दिखाती हो ।।2।।
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जब मुझे हाशिल न हो सकेगा तुम्हारा साथ , ।।
तो मै तेरी याद का इन्तज़ार क्यों करूँ ।।3।।
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और खत्म हो गया तेरा इन्तज़ार करना ,।।
क्योंकि मुझे भी फुर्सत नही अपने दिल के गमो से ।।4।।
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