सोमवार, 10 फ़रवरी 2014

*शायरी-2*


                ***
दिल और दिल की बात  न कर ।
हर किसी से मुलाकात न कर ।
बेशक तन्हा ही है  तुम्हारे हिस्से मे ।
बेवजह आँशुओ को बर्बाद न कर ।

                   ****

बड़ी उम्मीद थी तेरे प्यार से मुझको ।
बड़ा प्यार था तेरी माशूमियत पर ।।
तोड़ दिया दिल मेरा तुमने आज ।
तरस आता हैं मुझे मेरी माशूमियत पर ।।

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